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शरीर में हो पोटैशियम की कमी तो बढ़ जाता है हाई ब्लड प्रेशर और अनिद्रा जैसी बीमारियों का खतरा


नई दिल्ली: पोटैशियम शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है जो नसों के फंक्शन (Nerve Function) को सही तरीके से बनाए रखने के साथ ही मांसपेशियों के सिकुड़न और शरीर में तरल पदार्थों के बैलेंस (Fluid Balance) को भी रेग्युलेट करने में मदद करता है. लेकिन पोटैशियम का सबसे जरूरी फंक्शन है दिल को धड़कने में मदद करना (Heart Beating). जब शरीर में पोटैशियम की गंभीर कमी हो जाती है तो इसे मेडिकल टर्म में हाइपोकैलेमिया (Hypokalemia) कहा जाता है और ये स्थिति तब उत्पन्न होती है जब किसी व्यक्ति के शरीर में पोटैशियम का लेवल 3.6 millimoles प्रति लीटर से कम हो जाता है. 

पोटैशियम की कमी के कारण होती हैं ये बीमारियां

कई बार डाइट में पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम न होने के कारण भी शरीर में पोटैशियम की कमी (Potassium Deficiency) हो जाती है या फिर लंबे समय तक अगर किसी व्यक्ति को डायरिया या उल्टी की दिक्कत हो तो इस कारण भी शरीर में पोटैशियम की हानि होने लगती है. शरीर में पोटैशियम की कमी की वजह से कई तरह की गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है:

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1. हाई ब्लड प्रेशर- शरीर में पोटैशियम का लेवल कम हो तो इसकी वजह से ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) बढ़ सकता है खासकर उन लोगों में जो सोडियम (Sodium) यानी नमक का सेवन अधिक करते हैं. पोटैशियम रक्तवाहिकाओं को रिलैक्स करता है जिससे ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है. पोटैशियम शरीर में सोडियम के लेवल को भी बनाए रखने का काम करता है. 

2. अनियमित हार्ट रिदम- हार्ट रिदम यानी हृदय की लय (Heart Rhythm) अगर अनियमित हो जाए तो यह भी हाइपोकैलेमिया या पोटैशियम की कमी का संकेत हो सकता है. हृदय की मांसपेशियों के कॉन्ट्रैक्शन्स यानी संकुचन को रेग्युलेट करने में अहम रोल निभाता है पोटैशियम. इसलिए अगर शरीर में पोटैशियम का लेवल कम हो जाए तो इसकी वजह से हृदय की लय अनियमित हो जाती है और वेन्ट्रीक्युलर फाइब्रिलेशन जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं.

3. हद से ज्यादा थकान- शरीर की सभी कोशिकाओं और टीशूज में पाया जाने वाला सबसे जरूरी और अहम न्यूट्रिएंट है पोटैशियम. जब पोटैशियम का लेवल कम हो जाता है तो शरीर के कई फंक्शन्स पर इसका बुरा असर पड़ता है जिसकी वजह से व्यक्ति की ऊर्जा का स्तर भी कम (Low Energy Level) हो जाता है और उसे शारीरिक और मानसिक रूप से हद से ज्यादा थकान महसूस होने लगती है.

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4. पेट फूलना, कब्ज- पोटैशियम की कमी होने पर आंत में मौजूद मांसपेशियों पर भी इसका असर पड़ता है जिसकी वजह से भोजन और वेस्ट मटीरियरल के शरीर से बाहर निकलने की प्रक्रिया भी धीमी पड़ जाती है. आंत में पाचन की यह प्रक्रिया अगर धीमी हो जाए तो इसकी वजह से कब्ज (Constipation) और पेट फूलने (Bloating) जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

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5. रात में नींद न आना- नई रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि अगर शरीर में पोटैशियम की कमी हो जाए तो इसकी वजह से व्यक्ति की एंग्जाइटी (Anxiety) यानी चिंता के लक्षण भी बढ़ जाते हैं और इस कारण उसकी नींद प्रभावित होती है और रात में नींद आने में समस्या होने लगती है. नींद न आने की बीमारी को Insomnia या अनिद्रा कहते हैं.

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