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पानी बचाने के लिए रखरखाव के नाम पर 28 को शहर में नहीं होगी जलापूर्ति, शहर में पानी की मांग व आपूर्ति में बढ़ा अंतर


जोधपुर6 घंटे पहले

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जोधपुर के कायलाना में घटा जलस्तर।

  • तापमान बढ़ने के साथ बढ़ गई है पानी की मांग

मांग व आपूर्ति में बढ़ रहे अंतर को पाटने के लिए जलदाय विभाग रखरखाव के नाम पर 28 सितम्बर को जोधपुर शहर में जलापूर्ति नहीं करेगा। ताकि कुछ पानी बचाया जा सके। वर्तमान में शहर के दोनों प्रमुख जलाशयों कायलाना व तखत सागर का जल स्तर लगातार कम होता जा रहा है। इन दोनों जलाशयों में महज सात दिन का पानी बचा है।

अब शहर में 28 को होने वाली जलापूर्ति 29 को और 29 को होने वाली जलापूर्ति 30 को होगी। लिफ्ट नहर से मिलने वाले पानी की रोजोना पूरी खपत हो जाती है और बचत के नाम पर विभाग के पास कुछ नहीं है। कई बार तो बचत का पानी भी वितरण करना पड़ रहा है। वहीं वापस गर्मी बढ़ने से मांग कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस कारण जलदाय विभाग रखरखाव के नाम पर कायलाना, चौपासनी, सूरपुरा व झालामंड फिल्टर हाउस से 28 सितम्बर को शहर में जलापूर्ति नहीं करेगा।

यह है जलापूर्ति का गणित
राजीव गांधी लिफ्ट नहर के जरिये जोधपुर को रोजाना 265 क्यूसेक हिमालय का पानी मिलता है। इसमें से आधा पानी शहर और आधा ग्रामीण क्षेत्र में वितरित किया जाता है। लिफ्ट नहर से 1456 गांव जुड़े हुए है। पहले ग्रामीण क्षेत्र की जलप्रदाय योजना थी नहीं। ऐसे में जोधपुर को पर्याप्त पानी मिल जाता था और यहां के प्रमुख जलाशय कायलाना व तखत सागर हमेशा भरे रहते थे। लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र की अधिकांश जलप्रदाय योजनाएं पूरी हो गई। ऐसे में वहां से मांग बढ़ गई और शहर का पानी कम होता गया। वहीं इन दिनों तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मांग पहले की अपेक्षा काफी अधिक बढ़ी हुई है। अब शहर में पर्याप्त जलापूर्ति करने में विभाग को पसीना आ रहा है।

छह से सात दिन के पानी का स्टॉक
जोधपुर की जलापूर्ति मुख्य रूप स कायलाना व तखतसागर से की जाती है। इंदिरा गांधी नहर का पानी लिफ्ट नहर के जरिये इन दोनों जलाशयों में पहुंचता है। इन दोनों जलाशयों में अभी महज 190 एमसीएफटी पानी बचा है। इसमें डेड स्टोरेज भी शामिल है। इससे सिर्फ सात दिन तक शहर में जलापूर्ति की जा सकती है। विभाग का प्रयास रहता है कि पंद्रह दिन में एक बार शहर की जलापूर्ति में कटौती कर इन दोनों जलाशयों का जलस्तर बढ़ाया जाए, लेकिन इसमें भी सफलता नहीं मिल रही है।

लिफ्ट नहर के तीसरा चरण से हो सकता है समाधान
जोधपुर शहर के लोगों को पर्याप्त जलापूर्ति के लिए लिफ्ट नहर के तीसरे चरण के पूरा होने तक इंतजार करना होगा। तीसरा चरण पहले से ही तीन साल विलम्ब से चल रहा है। अभी तक यह शुरू भी नहीं हो पाया है। तीसरे चरण की लागत 1454 करोड़ रुपए है। तीसरे चरण को जोधपुर, बाड़मेर व पाली के 2014 गांवों तथा 5 कस्बों को वर्ष 2051 तक जल आपूर्ति की जा सकेगी।



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